गृह क्लेश के कारण
हम अक्सर देखते हैं कि परिवार के सदस्यों में किसी न किसी बात पर लड़ाई झगड़े हो जाते हैं। हालांकि यह जरूरी नहीं होता कि इसके पीछे कोई बहुत बड़ा और ठोस कारण ही हो। कभी-कभी बहुत छोटी बातें भी इन झगड़ों का कारण बन जाती हैं, हंसी ख़ुशी भरा माहौल अचानक ही तनाव भरा हो जाता है। ऐसे में लोग परेशान रहने लगते हैं। यह माहौल किसी भी परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रभावित कर सकता है। इन क्लेशों के पीछे पितृ दोष या ग्रह दोष जैसे कारण मुख्य होते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कुंडली के आधार पर ग्रहों की दिशा व्यक्ति को बहुत प्रभावित कर सकती है। अगर ग्रहों की दशा सकारात्मक नहीं होती तो परिवार में कलह या क्लेश होती रहती है। इसलिए इसका निवारण करना बहुत जरूरी हो जाता है।
गृह क्लेश के उपाय
अगर आपके घर में भी गृह कलेश बहुत ज्यादा होता है और आप उसका समाधान चाहते हैं तो आपको नीचे कुछ आसान उपाय बताए गए हैं। इन ज्योतिषीय उपायों की सहायता से आप अपने परिवार में शांति वापस ला सकते हैं।
नमक के पानी का पोंछा- अगर आपको ऐसा लगता है कि आपके परिवार में आपसी क्लेश बढ़ता जा रहा है तो आपको सुबह पोंछा लगाते समय पानी में थोड़ा नमक मिला लें। अगर आप घर में नमक वाले पानी का पोंछा लगाते हैं तो घर से हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जा सकता है। याद रखें कि बृहस्पतिवार और शक्रवार के दिन इस उपाय को न किया जाए। यह उपाय आपके मन मस्तिष्क में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाएगा।
बिस्तर में भोजन न करें- हिन्दू धर्म में ऐसी बहुत सी मान्यताएं हैं जो लोग पुराने समय से मानते आ रहे हैं लेकिन वर्तमान में उनका पालन नहीं कर पा रहे हैं। जैसे बिस्तर पर बैठ कर भोजन करना या बाहर से आकर जूते चप्पल घर के भीतर ले आना। यह सब चीजें घर में समस्याओं और क्लेश को आकर्षित करते हैं। इसलिए ध्यान रहे कि खाते वक्त बिस्तर पर न बैठें और जूते चप्पल घर के भीतर न लाएं।
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घी का दीपक जलाएं- घर के मंदिर या किसी पवित्र स्थान पर घी का दीपक जलाएं। दीपक की लौ आस-पास के माहौल को शुद्ध करने और नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्रतिदिन एक दीपक जलाना और प्रार्थना करना पूरे परिवार के लिए एक खुशहाल और सामंजस्यपूर्ण वातावरण बना सकता है।
सत्यनारायण कथा- घर में सुख-शान्ति बनाए रखने के लिए सत्यनारायण जी की कथा करवाना बहुत आवश्यक माना जाता है। समय-समय पर इस कथा का करवाया जाना घर और घर में रहने वालों के लिए बहुत शुभ मानी जाता है। सत्यनारायण जी भगवान विष्णु के ही रूप हैं। इस कारण जो भी लोग इस कथा का आयोजन करते हैं उनके घर-परिवार और जीवन में सुख समृद्धि की कमी नहीं होती।
हनुमान जी की पूजा- हनुमान जी की पूजा करें और मंगलवार के दिन पंचमुखी दीपक जलाएं। हनुमान जी की पूजा-उपासना से परिवार को सभी प्रकार के क्लेशों से मुक्ति मिल सकती है। इसके अलावा हनुमान जी का मन्त्र ओम नमो भगवते हनुमते नमः का जाप करें। यह मंत्र मन को शांत रखने में और पारिवारिक क्लेश को समाप्त करने में बहुत प्रभावी होती है।
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नवग्रह पूजा- वैदिक ज्योतिष में नौ ग्रहों का बहुत महत्व माना जाता है। इन ग्रहों की दशा और दिशा ही हमारे जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को निर्धारित करती है। नवग्रह पूजा, इन ग्रह देवताओं को समर्पित एक पूजा है, जो किसी भी नकारात्मक प्रभाव को कम करने और परिवार के भीतर शांति और सद्भाव लाने में मदद कर सकती है। अगर आप चाहते हैं किआपके परिवार में सुखमय माहौल बना रहे तो नवग्रह पूजन के आयोजन के लिए किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी या पुजारी से मार्गदर्शन लें।
एस्ट्रोयोगी ज्योतिषी से मार्गदर्शन लें- गृह क्लेश होना किसी भी परिवार के लिए बहुत मुश्किल भरी स्थिति होती है। इससे न केवल घर का माहौल खराब होता है बल्कि परिवार के सदस्यों के मन मस्तिष्क पर गलत प्रभाव भी पड़ता है। कभी-कभी परिवार के सदस्यों के ग्रहों और नक्षत्रों की दशा ऐसी होती है कि कोई उन्हें अपनी कुंडली के आधार पर समाधानों की आवश्यकता होती है। ऐसे में एस्ट्रोयोगी के विशेषज्ञ ज्योतिषी से सलाह लेना सबसे अच्छा विकल्प होता है।
अगर आप भी पारिवारिक क्लेश से पीड़ित हैं और एक प्रभावी ज्योतिषीय मार्गदर्शन की तलाश में हैं तो आप एस्ट्रोयोगी के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स से परामर्श कर सकते हैं और आपके लिए पहला कंसल्टेशन बिलकुल मुफ्त है।